धियों में भी सक्रिय रही है। क्लब समय-समय पर समाजसेवा, शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को जोड़ने का कार्य करता रहा है। समिति का मानना है कि पूजा के साथ-साथ समाज को संगठित करने और संस्कृति को संरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
स्थापना दिवस पर क्लब सदस्यों ने यह संकल्प लिया कि आने वाले समय में भी समाजसेवा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह 25 साल की यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और जनसेवा की मिसाल भी है।
भवानी बॉयज क्लब की यह परंपरा अब समाज को जोड़ने वाले एक सेतु के रूप में स्थापित हो चुकी है, जहाँ पूजा और परंपरा के साथ-साथ समाज के विकास का मार्ग भी प्रशस्त होता है
