
जमशेदपुर : शहर का बहुप्रतीक्षित 18वां स्वदेशी मेला 8 से 16 अक्टूबर तक बिस्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में आयोजित किया जा रहा है। मेले का उद्घाटन समारोह 8 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे होगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (कॉर्पोरेट सर्विसेज) डी. बी. सुंदरा रामम और झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव सौरभ तिवारी शामिल होंगे।गोपाल मैदान में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेला संयोजक अशोक गोयल ने बताया कि स्वदेशी मेले का उद्देश्य भारतीय उद्योग और सेवाओं को बढ़ावा देना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच देश की आर्थिक सुरक्षा, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सतत विकास के मॉडल को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्यरत है।सन् 2001 में टाटा स्टील के सहयोग से शुरू हुआ यह मेला आज शहर का सबसे बड़ा सांस्कृतिक उत्सव बन चुका है। इस वर्ष मेले में देशभर के विभिन्न राज्यों — पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, बंगाल, तमिलनाडु, गुजरात और बिहार से आए लगभग 300 स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉल्स में हैंडीक्राफ्ट, खादी, लघु उद्योग, टेक्सटाइल, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर सिस्टम और ऑटो सेक्टर से जुड़ी वस्तुएं प्रदर्शित होंगी।इस बार मेले में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का विशेष स्टॉल भी लगाया जाएगा, जो निवेश और वित्तीय जागरूकता से संबंधित जानकारी देगा। इसके अलावा खादी ग्रामोद्योग आयोग, अरका जैन विश्वविद्यालय, नीलकमल फर्नीचर, रंभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन और आरएसबी ट्रांसमिशन की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी।मेले में प्रतिदिन विभिन्न प्रतियोगिताएं और गोष्ठियां आयोजित होंगी, जिनमें भारतीय शिक्षा प्रणाली, नारी चेतना, सतत विकास और उद्यमिता जैसे विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही सांस्कृतिक संध्या में छऊ नृत्य, लोक नृत्य, गजल, जादू शो और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति शहरवासियों को आकर्षित करेगी।मेले का समय प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9:30 बजे तक रहेगा और प्रवेश निःशुल्क होगा। आकर्षक फूड स्टॉल और बच्चों के लिए झूले भी लगाए जाएंगे। प्रेस वार्ता में स्वदेशी जागरण मंच के वरिष्ठ पदाधिकारी बंदेशंकर सिंह, मनोज कुमार सिंह, मुरलीधर केडिया, जेकेएम राजू, अमित मिश्रा, पंकज सिंह, अमिताभ सेनापति, राजकुमार साह और राजपति देवी उपस्थित थे।जमशेदपुरवासियों के लिए यह मेला केवल खरीदारी का नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आत्मनिर्भरता का उत्सव है।
