
जमशेदपुर: आज दुर्भाग्य से हेमंत सोरेन की सरकार में झारखंडउसी भयावह अराजकता से गुजर रहा है।राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है,अपराधी बेखौफ हैंऔर आम जनता डर के साये में जीने को मजबूर है।सरकार की नाकामी का आलम यह है किअपराध लगातार बढ़ रहे हैं,लेकिन सत्ता में बैठे लोग आंख मूंदे हुए हैं।पुलिस व्यवस्था पर राजनीतिक दबाव हावी हैऔर अपराधियों को सत्ता का अप्रत्यक्ष संरक्षण मिल रहा है।यह स्थिति साफ तौर पर बताती है किवर्तमान झारखंड सरकार राज्य चलाने में पूरी तरह विफल हो चुकी है।आज झारखंड में सुशासन नहीं,जंगलराज कायम है।भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष एवंकोल्हान विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षनीतीश कुशवाहाइस जंगलराज, अपराधी संरक्षण और निकम्मे शासन के खिलाफसड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगाऔर जनता की जान-माल की सुरक्षा सेकिसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।अब झारखंड की जनता सीधा सवाल पूछ रही है —क्या यही है सरकार का तथाकथित सुशासन?क्या यह राज्य अपराधियों के लिए सुरक्षित औरआम जनता के लिए असुरक्षित बना दिया गया है?झारखंड को अबखोखले वादे नहीं,मजबूत नेतृत्व, सख्त कानून और जीरो टॉलरेंस प्रशासन चाहिए।—नीतीश कुशवाहाजिला अध्यक्षभाजपा युवा मोर्चा, जमशेदपुर महानगरपूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष (2017–18)कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा, झारखंड
