
झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) ने अभ्यर्थियों के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए आगामी छह महीनों के लिए 28 प्रतियोगिता परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया है। इस कैलेंडर के अनुसार मार्च से जून 2025 तक राज्य में प्रशासनिक, शैक्षणिक, चिकित्सा, तकनीकी और वैज्ञानिक सेवाओं से जुड़ी परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
कैलेंडर के मुताबिक संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 8 मार्च 2025 को होगी। इसका परिणाम अप्रैल में घोषित होने की संभावना है। इसके बाद मुख्य परीक्षा 2 से 4 मई के बीच आयोजित की जाएगी, जबकि मई के अंतिम सप्ताह तक रिजल्ट जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। सफल अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 16 से 19 जून तक होगा। यदि तय समय-सारिणी के अनुसार परीक्षा प्रक्रिया पूरी हुई, तो जून 2025 तक सिविल सेवा परीक्षा संपन्न हो जाएगी।
इसी तरह झारखंड पात्रता परीक्षा (J-TET) 29 मार्च को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से राज्य के विश्वविद्यालयों में करीब 2500 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति का रास्ता साफ होगा, जिससे उच्च शिक्षा में लंबे समय से चली आ रही शिक्षक कमी दूर होने की उम्मीद है। जेपीएससी के कैलेंडर में सीडीपीओ, उप समाहर्ता, सहायक प्राध्यापक, आयुष चिकित्सक, वन सेवा, औद्योगिक और वैज्ञानिक सेवाओं से जुड़ी परीक्षाएं भी शामिल हैं। इन परीक्षाओं के जरिए राज्य को प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर डॉक्टर, वैज्ञानिक और तकनीकी अधिकारी मिल सकेंगे। हालांकि आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कई परीक्षाओं के विज्ञापन अब तक जारी नहीं हुए हैं, जिसे लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
जनवरी से ही परीक्षा प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सीमित उपसमाहर्ता की लिखित परीक्षा 10–11 जनवरी, जबकि बाल विकास परियोजना पदाधिकारी का साक्षात्कार 3 से 9 जनवरी तक प्रस्तावित है। फरवरी और मार्च में आयुष चिकित्सा अधिकारियों, सिविल सेवा बैकलॉग और जेट जैसी अहम परीक्षाएं होंगी। कुल मिलाकर जेपीएससी का यह कैलेंडर राज्य में लंबित भर्तियों को गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि आयोग तय शेड्यूल के अनुसार परीक्षाएं आयोजित कर पाता है या नहीं।
